जेस्टेशनल डायबिटीज़ डाइट प्लान
आपकी तिमाही के हिसाब से मुफ़्त 7-दिन का जेस्टेशनल डायबिटीज़ डाइट चार्ट — लो-GI भारतीय या ग्लोबल खाना और स्नैक्स, बिना मिठाई या रिफ़ाइंड कार्ब्स के। वेज, नॉन-वेज और जैन।
जेस्टेशनल डायबिटीज़ के लिए सबसे अच्छी डाइट कौन सी है?
जेस्टेशनल डायबिटीज़ (GDM) प्रेगनेंसी में शुरू होने वाली हाई ब्लड शुगर है, जो आमतौर पर 24–28 हफ़्ते पर ग्लूकोज़ टेस्ट में पता चलती है। इस डाइट का मकसद कम खाना नहीं है — आपको और आपके शिशु को प्रेगनेंसी की अतिरिक्त ऊर्जा अब भी चाहिए — बल्कि कार्बोहाइड्रेट को पूरे दिन में बराबर बाँटना और ऐसे कार्ब्स चुनना है जो ब्लड शुगर धीरे बढ़ाएँ। ऊपर दिया गया जनरेटर प्रेगनेंसी की पूरी कैलोरी रखता है, मिठाई और मीठी या हाई-GI चीज़ें हटाता है, और सोने से पहले एक स्नैक जोड़ता है।
GDM के लिए सही थाली कैसे बनाएँ
- आधी थाली: बिना स्टार्च वाली सब्ज़ियाँ और सलाद
- एक चौथाई: प्रोटीन — दाल, पनीर, दही, अंडे, मछली, चिकन, टोफ़ू
- एक चौथाई: लो-GI कार्ब्स — 1–2 मल्टीग्रेन, ज्वार या बाजरे की रोटी, या एक छोटी कटोरी ब्राउन राइस या मिलेट
- हर 2–3 घंटे में खाएँ: 3 मुख्य खाने और 2–3 छोटे स्नैक्स
ब्लड शुगर के आम लक्ष्य
| कब | लक्ष्य (mg/dL) | लक्ष्य (mmol/L) |
|---|---|---|
| खाली पेट (सुबह) | 95 से कम | 5.3 से कम |
| खाने के 1 घंटे बाद | 140 से कम | 7.8 से कम |
| खाने के 2 घंटे बाद | 120 से कम | 6.7 से कम |
आपके डॉक्टर थोड़े अलग लक्ष्य दे सकते हैं — हमेशा उन्हीं के लक्ष्य मानें।
सैंपल दिन: भारतीय शाकाहारी GDM डाइट (2री तिमाही)
| समय | क्या खाएँ |
|---|---|
| नाश्ता | 2 मूंग दाल चीले, पुदीने की चटनी के साथ |
| सुबह का स्नैक | 1 अमरूद या सेब + 5 बादाम |
| दोपहर का खाना | 2 ज्वार की रोटी, 1 कटोरी दाल, 1 कटोरी मिक्स वेज सब्ज़ी, सलाद, दही |
| शाम | 1 कटोरी भुना मखाना + ग्रीन टी (बिना चीनी) |
| रात का खाना | 1 कटोरी वेजिटेबल दलिया + 1 कटोरी दाल + सलाद |
| सोने से पहले | 1 छोटी कटोरी सादा दही + 5 बादाम |
जेस्टेशनल डायबिटीज़ में किन चीज़ों से बचें
- चीनी, गुड़, शहद, मिठाई
- फलों का जूस, कोल्ड ड्रिंक्स और मीठी चाय या कॉफ़ी
- मैदा, सफ़ेद ब्रेड, बिस्किट, बेकरी की चीज़ें
- सफ़ेद चावल, आलू और साबूदाना की बड़ी मात्रा
- बहुत मीठे फल ज़्यादा मात्रा में (आम, चीकू, अंगूर) — खाने के साथ थोड़ी मात्रा बेहतर है
ज़्यादातर महिलाओं की ब्लड शुगर डिलीवरी के बाद नॉर्मल हो जाती है, लेकिन GDM से आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए डिलीवरी के 6–12 हफ़्ते बाद ग्लूकोज़ टेस्ट और उसके बाद हेल्दी डाइट ज़रूरी है। डिलीवरी के बाद हमारा पोस्टपार्टम (डिलीवरी के बाद का) डाइट प्लान अपनाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या जेस्टेशनल डायबिटीज़ में चावल खा सकते हैं?
हाँ, थोड़ी मात्रा में — लगभग आधी से एक छोटी कटोरी, बेहतर हो तो ब्राउन राइस या मिलेट, दाल, सब्ज़ी और दही के साथ। चावल वाले खाने के बाद ब्लड शुगर चेक करें ताकि पता चले कि आपके शरीर पर इसका क्या असर होता है।
जेस्टेशनल डायबिटीज़ में कौन से फल अच्छे हैं?
अमरूद, सेब, नाशपाती, संतरा, बेरीज़ और अनार, थोड़ी मात्रा में। जूस की बजाय साबुत फल मेवों या दही के साथ खाएँ।
क्या शुगर कंट्रोल करने के लिए मुझे कम खाना चाहिए?
नहीं। प्रेगनेंसी में कैलोरी बहुत ज़्यादा कम करने की सलाह नहीं दी जाती। कार्ब्स को बराबर बाँटें और लो-GI खाना चुनें; अगर डाइट काफ़ी न हो तो आपके डॉक्टर गोलियाँ या इंसुलिन दे सकते हैं।
क्या जेस्टेशनल डायबिटीज़ डिलीवरी के बाद ठीक हो जाती है?
ज़्यादातर महिलाओं में शिशु के जन्म के बाद यह ठीक हो जाती है। डिलीवरी के 6–12 हफ़्ते बाद ब्लड शुगर टेस्ट करवाएँ और उसके बाद नियमित जाँच करवाते रहें।
स्रोत: ACOG: जेस्टेशनल डायबिटीज़ · NHS: जेस्टेशनल डायबिटीज़
ऊपर दिए गए स्रोतों से सटीकता के लिए जाँचा गया। यह पेज सिर्फ़ सामान्य जानकारी है, डॉक्टर की सलाह नहीं — अपनी ज़रूरतों के बारे में अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से बात करें।