ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) चेकर
60+ भारतीय और ग्लोबल खाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) और ग्लाइसेमिक लोड खोजें — चावल, रोटी, इडली, पोहा, फल, दाल — प्रकाशित GI तालिकाओं से।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है?
ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कार्बोहाइड्रेट वाले खाने को इस आधार पर रैंक करता है कि वे शुद्ध ग्लूकोज़ (GI 100) की तुलना में ब्लड शुगर कितनी तेज़ी से बढ़ाते हैं। 55 या उससे कम GI लो (कम) है, 56–69 मीडियम और 70 या उससे ज़्यादा हाई GI है। लो-GI खाने धीरे-धीरे शुगर छोड़ते हैं और डायबिटीज़, PCOS और वज़न कंट्रोल में मददगार हैं। ग्लाइसेमिक लोड (GL) में मात्रा (पोर्शन) भी गिनी जाती है: 10 या उससे कम GL लो है, 20 या उससे ज़्यादा हाई है।
हमारी सूची में सबसे कम और सबसे ज़्यादा GI वाले खाने
| लो GI | GI | हाई GI | GI |
|---|---|---|---|
| मूंगफली | 7 | ग्लूकोज़ | 103 |
| चना दाल | 11 | राइस क्रैकर्स / राइस केक | 87 |
| दही / सादा योगर्ट | 19 | इडली (इंस्टेंट ड्राई मिक्स) | 85 |
| राजमा, उबला हुआ | 24 | कॉर्नफ्लेक्स | 81 |
| काजू | 25 | इंस्टेंट ओट्स दलिया | 79 |
| जौ, उबला हुआ | 28 | आलू, उबला हुआ | 78 |
GI के मान अलग-अलग क्यों होते हैं
- किस्म: चावल का GI लगभग 50 (कुछ बासमती) से लेकर 80 से ज़्यादा तक होता है।
- पकाना और पकापन: ज़्यादा देर पकाने, मसलने और ज़्यादा पके फल से GI बढ़ता है; पके हुए चावल या आलू को ठंडा करने से GI कम होता है।
- पूरा खाना: कार्ब्स को दाल, सब्ज़ी, दही, प्रोटीन या फैट के साथ खाने से ब्लड शुगर कुल मिलाकर कम बढ़ती है।
- आप खुद: हर व्यक्ति का शरीर अलग प्रतिक्रिया देता है — ग्लूकोज़ मीटर से आपकी अपनी प्रतिक्रिया पता चलती है।
लो-GI खाने को अमल में लाने के लिए डायबिटीज़ डाइट प्लान, PCOS डाइट प्लान या जेस्टेशनल डायबिटीज़ (प्रेगनेंसी में शुगर) डाइट प्लान देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डायबिटीज़ में रोटी बेहतर है या चावल?
गेहूं के आटे की रोटी का GI आमतौर पर सफ़ेद चावल से कम होता है (स्टडीज़ में लगभग 45–62 बनाम लगभग 70–73), लेकिन सबसे ज़्यादा मायने मात्रा रखती है। ब्राउन राइस, उसना (पारबॉइल्ड) चावल और मिलेट्स चावल के बेहतर विकल्प हैं।
क्या लो-GI खाने हमेशा हेल्दी होते हैं?
नहीं — चिप्स या चॉकलेट जैसे कुछ खाने में फैट की वजह से GI मीडियम होता है। GI को कुल पोषण और मात्रा के साथ मिलाकर देखें।
अगर मुझे डायबिटीज़ नहीं है तो क्या GI मायने रखता है?
लो-GI खाने से पेट ज़्यादा देर भरा रहता है और एनर्जी स्थिर रहती है, जो वज़न कंट्रोल और PCOS में मदद कर सकता है, लेकिन सबसे ज़्यादा मायने कुल डाइट की क्वालिटी और कैलोरी रखती है।
स्रोत: GI और GL मानों की अंतरराष्ट्रीय तालिकाएं 2008 (डायबिटीज़ Care) · यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिडनी GI डेटाबेस · भारतीय चावल की किस्मों का GI (MDRF, 2012)
मान प्रकाशित टेस्ट के औसत हैं; अलग-अलग खाने और ब्रांड में फ़र्क हो सकता है। यह पेज सिर्फ़ सामान्य जानकारी है, डॉक्टर की सलाह नहीं।